Saturday, April 16, 2011

विरोध के बाद रुकी मप्र में ईसाइयों की गिनती


मध्य प्रदेश में रह रहे ईसाइयों की गतिविधियों व उनके काम-धंधों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस के माध्यम से कराए जा रहे सर्वेक्षण को समाज द्वारा उठाई गई आपत्ति के बाद रोकना पड़ा है। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारी मौन हैं, लेकिन ईसाई समाज इसे अपना अपमान बता रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस मुख्यालय ने पिछले महीने राज्य के सभी थानाध्यक्षों को आदेश दिया था कि वे अपने क्षेत्र में चलने वाली ईसाई गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा कर भेजें। इस जानकारी में पुलिस को यह भी बताना था कि उनके क्षेत्र में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट समुदायों की वास्तविक जनसंख्या क्या है। इनकी आय का जरिया क्या है। इन्हें विदेशों से पैसा मिलता है या नहीं। साथ ही पुलिस को यह भी बताने को कहा था कि इनके राजनीतिक दृष्टिकोण, आपराधिक रिकार्ड और शिक्षा के स्तर की जानकारी भी जुटाई जाए। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस के प्रवक्ता फादर आनंद मुंटूगल ने राज्य पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ईसाइयों का अपराधियों की तरह से लेखा-जोखा रखा जा रहा है, जो आपत्तिजनक है|